हमला, और धमकी के केस में 4 साल की सज़ा.

बांदा। कालिंजर में गुंडई दिखाना एक दबंग को भारी पड़ गया। छह साल पहले मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के मामले में बांदा पुलिस ने ऐसी मजबूत पैरवी की कि आरोपी को आखिरकार जेल जाना पड़ा। थाना कालिंजर में वर्ष 2020 मे रमाकांत पुत्र शिवकुमार निवासी नीबी ने मुकदमा दर्ज कराया था।आरोपी दीलचन्द्र पुत्र रामफल निवासी नीबी पर आरोप था कि हत्या के इरादे से जानलेवा हमला किया गया।लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की गई,मां-बहन की गंदी गालियां देकर अपमानित किया गया,जान से मारने की धमकी दी गई। इस पूरे कांड को साझा साजिश के तहत अंजाम दिया गया।

इसी मामले में पुलिस महानिदेशक के सजा दिलाओ अभियान के तहत थाना कालिंजर पुलिस, लोक अभियोजक देवदत्त मिश्रा और पैरोकार टीम ने साक्ष्य और गवाहों को न्यायालय के सामने मजबूती से रखा।न्यायालय ने आरोपी दीलचन्द्र को दोषी करार देते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास और 7 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित कर दिया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। एसपी बांदा पलाश बंसल ने सज़ा सुनाई के बाद कहा बांदा में अब गुंडई नहीं चलेगी। जो भी गरीब, कमजोर पर हाथ उठाएगा, गाली देगा, धमकाएगा, हम उसे छोड़ेंगे नहीं। कालिंजर का यह मामला इसका उदाहरण है। धारा 308 जैसे गंभीर मामले में 4 साल की सजा दिलाना हमारी प्रभावी विवेचना का परिणाम है। अपराधी कितना भी पुराना हो, बांदा पुलिस उसे सजा दिलाकर ही रहेगी।

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