शामली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर एनएचएम संविदा कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन जारी है। मंगलवार को दूसरे दिन भी शामली जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर एनएचएम कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर कार्य करते हुए सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। शामली के साथ थानाभवन, कुड़ाना और ऊन क्षेत्र में भी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।सीएचसी ऊन में शांतिपूर्ण धरना, MOIC ने दिया समर्थन: सीएचसी ऊन पर समस्त एनएचएम स्टाफ ने काला फीता बांधकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बताया कि ब्लॉक एमओआईसी डॉ. तरुण ने उनकी मांगों का समर्थन किया। इसके लिए कर्मचारियों ने उनका आभार जताया। डॉ. तरुण और बीपीएम शकील अहमद ने ब्लॉक प्रमुख रामपाल से भी एनएचएम कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर वार्ता की। ब्लॉक प्रमुख ने मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि 22 सितंबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा गया था, लेकिन अभी तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।जिलाध्यक्ष संगीत शर्मा और जिला महामंत्री मुब्बशिर खान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में एनएचएम के तहत 15 से 20 वर्षों से अधिक समय से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी। संगठन ने नियमितीकरण होने तक समान कार्य-समान वेतन लागू करने और वर्तमान वेतन में तत्काल वृद्धि कर सम्मानजनक वेतन देने की मांग की है। साथ ही एनएचएम के ऐसे पद, जो स्वास्थ्य विभाग में सृजित नहीं हैं, उनके पद सृजित करने की मांग भी की गई है।
10 लाख की कैशलेस सुविधा और DA की मांग
संगठन ने कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने की मांग की है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), प्रभावी EPF और नियोक्ता अंशदान, HRA, चिकित्सा इकाइयों पर राजकीय आवास तथा ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की गई।ज्ञापन में रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण, म्यूचुअल ट्रांसफर और स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण की नीति बहाल करने की मांग भी रखी गई। सेवा के दौरान किसी संविदा कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की नीति बनाने की मांग की गई है।
नियमित भर्ती में 25% कोटा मांगा
एनएचएम के तहत जिला और ब्लॉक स्तर पर आउटसोर्स के माध्यम से तैनात MCTS, IDSP, HMIS डाटा ऑपरेटर और कोविड-19 कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग भी की गई। स्वास्थ्य विभाग की नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटों का कोटा निर्धारित करने की मांग रखी गई है।
12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संगठन के अनुसार 5, 6 और 7 अक्टूबर को काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध किया जा रहा है। इसके बाद 8, 9 और 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मांगों पर सकारात्मक निर्णय या राज्य प्रतिनिधिमंडल से सार्थक वार्ता नहीं होने पर 12 अक्टूबर से प्रदेशभर के एनएचएम संविदा कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दे चुके हैं।कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी नियंत्रण, संचारी एवं गैर-संचारी रोग नियंत्रण समेत विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।















