बांदा। जनपद में जल जीवन मिशन की सुस्त रफ्तार और पेयजल आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को लेकर जिलाधिकारी अमित आसरी बेहद सख्त नजर आए। कलेक्ट्रेट के बामदेव सभागार में हुई जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में उन्होंने बिजली और जल निगम के अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दे दी। बैठक में जब समीक्षा शुरू हुई तो सामने आया कि खटान और अमलीकौर की बड़ी पेयजल योजनाएं सिर्फ बिजली की आंख-मिचौली के कारण ठप पड़ी हैं। इस पर डीएम ने विद्युत विभाग के एसडीओ को तलब करते हुए कहा कि पेयजल योजना की बिजली को लेकर कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। फाल्ट आते ही तत्काल ठीक कराया जाए।पेयजल सप्लाई में लापरवाही करने वाले लाइनमैनों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जल निगम के इंजीनियर जब फोन करें तो अगर बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी फोन नहीं उठाता है तो उस पर भी एक्शन होगा।
अमलीकौर योजना के लिए अलग से बन रहे विद्युत फीडर का काम हर हाल में अगले दो हफ्ते में पूरा करना होगा। इसके अलावा डीएम ने निर्देश दिया कि जल संस्थान की पुरानी योजनाओं को बंद करने से पहले जल निगम और जल संस्थान दोनों की टीम मौके पर जाकर संयुक्त जांच करेगी, तभी सीलिंग होगी। वहीं बांदा-बहराइच हाईवे के काम में जल निगम, बिजली और वन विभाग के बीच चल रहे पेंच को 3 दिन में सुलझाने का अल्टीमेटम भी दिया। डीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर घर में नल से शुद्ध जल पहुंचाना है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे समेत सभी संबंधित विभागों के अधिशासी अभियंता मौजूद रहे।















