मुजफ्फरनगर। एमजी वर्ल्ड विजन विद्यालय में रामचरितमानस के सातों कांडों का मंचन विद्यार्थियों द्वारा श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ किया गया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों ने अपने अभिनय, संवाद और भावपूर्ण अभिव्यक्ति से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उत्तर कांड का मंचन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें भगवान राम के राज्याभिषेक, रामराज्य की स्थापना और उनके आदर्श शासन व्यवस्था का सजीव चित्रण किया गया।
उत्तर कांड के मंचन में विद्यार्थियों ने न्याय, कर्तव्यनिष्ठा, लोककल्याण और प्रजा के प्रति उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण आदर्शों को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उजागर किया। मंच पर प्रस्तुत विभिन्न प्रसंगों ने दर्शकों को रामचरितमानस के मूल संदेशों से परिचित कराया। विद्यार्थियों की मेहनत, संवाद अदायगी और पात्रों के अनुरूप अभिनय की उपस्थित लोगों ने सराहना की। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. मृणालिनी अनंत ने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, समर्पण और परिश्रम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में नैतिकता, मर्यादा, अनुशासन, कर्तव्यपालन और मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देने वाला महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सीनियर एकेडमिक कोऑर्डिनेटर मोनिका अग्रवाल, किंडरगार्टन कोऑर्डिनेटर शीतल गोयल तथा विद्यालय के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। रामचरितमानस के सातों कांडों की यह प्रस्तुति विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अनुभव बनी और सभी ने आयोजन की सराहना की।















