मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के नेता साजिद हसन ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और भाजपा सरकार के बीच कथित गठजोड़ तथा वोट चोरी के मुद्दे को लेकर प्रस्तावित आंदोलन को रोकने के लिए गुरुवार सुबह से जिले में सपा नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात कर उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे शांतिपूर्ण आंदोलन को रोकने का प्रयास बताया।
साजिद हसन ने कहा कि जिले में सपा नेताओं की आंदोलन में सक्रिय भागीदारी को रोकने के उद्देश्य से कई नेताओं के घरों पर पुलिस का पहरा बैठाया गया। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को पुलिस कार्रवाई के जरिए रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और नेता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
सपा नेता ने दावा किया कि वोट चोरी के मुद्दे को लेकर चल रहा आंदोलन अब व्यापक रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बल्कि पार्टी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सरकार और चुनाव आयोग का ध्यान आकर्षित करना है।
साजिद हसन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि चुनाव आयोग में नियुक्ति की प्रक्रिया में किए गए बदलावों को पूर्व व्यवस्था के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के तहत काटे गए वोटों को दोबारा जोड़ने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।















