दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र सिंह मलिक और चरथावल विधायक पंकज मलिक को शनिवार को दिल्ली के जनपथ रोड पर पुलिस ने रोक लिया। दोनों नेता जंतर-मंतर पर वोट चोरी के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। इसके साथ ही वे समाजवादी आंदोलन के प्रेरणास्रोत एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की जयंती के अवसर पर पार्टी कार्यालय भी जाना चाहते थे। पुलिस द्वारा रोके जाने के कारण दोनों नेता आगे नहीं बढ़ सके।
इस दौरान सांसद हरेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। वोट चोरी के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे जनप्रतिनिधियों को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति सरकार के रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को सुनना जरूरी है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
हरेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और जनता की आवाज की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को जनता और छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अनुमति मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी वोट चोरी के मुद्दे पर लगातार आवाज उठा रही है। लोकतंत्र की मजबूती और संविधान की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। इस घटना के बाद एक बार फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन और जनप्रतिनिधियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सवाल उठे हैं।
















