सऊदी अरब के 2 एयरपोर्ट पर हूतियों का हमला,

यमन के हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब के दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया है. सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया.हमलों में 3 लोगों की मौत हुई, जबकि 36 लोग घायल हुए. सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक, अबहा एयरपोर्ट पर एक मिस्र और एक अल्जीरियाई नागरिक की मौत हुई. वहीं रियाद एयरपोर्ट पर एक सूडानी नागरिक मारा गया.

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने की जिम्मेदारी ली. उन्होंने दावा किया कि मिसाइल ने एयरपोर्ट को निशाना बनाया और एयर ट्रैफिक प्रभावित हुआ. हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि मिसाइल को रास्ते में ही रोक दिया गया.

82 हूती ठिकाने नष्ट किए गए

गठबंधन ने हूतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबी कार्रवाई की बात कही. इसके बाद गठबंधन ने 82 सैन्य ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया. इनमें पहाड़ों में मौजूद बैलिस्टिक मिसाइल ठिकाने, कमांड और कंट्रोल सेंटर, संचार व्यवस्था और हूती लड़ाकों के जमावड़े वाले स्थान शामिल हैं.हूतियों ने सऊदी अरब के अबहा एयरपोर्ट और खमिस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया. उनका कहना है कि ये हमले अपने लक्ष्य तक पहुंचे.

यमन में भी हूतियों ने हमले किए

यमन में भी तनाव बढ़ा हुआ है. हूतियों ने अदन एयरपोर्ट के पास सैन्य सामान ले जा रहे काफिले को निशाना बनाने का दावा किया. यमन की सरकारी समाचार एजेंसी सबा के मुताबिक, एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ. एक मिसाइल रनवे के पास गिरी, जिससे काहिरा से आने वाली एक फ्लाइट को जेद्दा डायवर्ट करना पड़ा.

एक महीने में 2 लाख से ज्यादा विस्थापित हुए

सऊदी अरब 2015 से यमन की सरकार के समर्थन में हूतियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है. चार साल के युद्धविराम के बाद जुलाई में फिर लड़ाई शुरू हुई. पिछले महीने हूतियों ने लाल सागर के पूरे पश्चिमी तट पर कब्जा करने का दावा किया था. इस दौरान 2 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं.बुधवार को पश्चिमी यमन में हुई नई झड़पों में दोनों पक्षों के कम से कम 62 लड़ाके मारे गए, जिनमें 37 हूती बताए गए हैं. ताइज में हूतियों की मिसाइल से 5 नागरिकों के घायल होने की भी खबर है. यमन की सरकार ने हूतियों के कब्जे वाले पूरे इलाके को वापस लेने का लक्ष्य रखा है. इन क्षेत्रों में देश की बड़ी आबादी रहती है. युद्ध के कारण पैदा हुए मानवीय संकट में यमन की अधिकांश आबादी आज भी मदद पर निर्भर है.

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts