अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब एक महासागर और एक नदी का नाम बदलना चाहते हैं. उन्होंने अटलांटिक या प्रशांत महासागर का नाम बदलकर ट्रंप ओशन या ओशन ऑफ द अमेरिकाज रखने का सुझाव दिया है. ट्रंप ने कहा कि वह 2029 में अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले यह बदलाव करना चाहते हैं. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने टेनेसी के क्लार्क्सविल में एक चुनावी रैली के दौरान यह बात कही.ट्रंप ने रैली में मेक्सिको की खाड़ी और लेक ओंटारियो का नाम बदलने के अपने फैसलों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास अब एक खाड़ी और एक खूबसूरत झील है. अब वह एक नदी और एक महासागर का नाम बदलना चाहते हैं. ट्रंप ने अटलांटिक और प्रशांत महासागर में से किसी एक का नाम ट्रंप ओशन या ओशन ऑफ द अमेरिकाज रखने का सुझाव दिया.
पहले भी बदल चुके हैं जगहों के नाम
ट्रंप ने पिछले साल मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका कर दिया था. इस फैसले से मेक्सिको के साथ विवाद शुरू हो गया था. इसके बाद अगस्त में उन्होंने अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका रखने की बात कही. यह कदम ऐसे समय आया, जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर तनाव चल रहा था. अमेरिकी सरकार के जियोग्राफिकल नेम्स इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GNIS) में नाम बदलने के बाद गूगल और एपल ने भी अमेरिका के यूजर्स के लिए अपने मैप और लोकेशन सर्विस में गल्फ ऑफ अमेरिका और लेक अमेरिका नाम दिखाने शुरू कर दिए.
होर्मुज स्ट्रेट का नाम भी बदलने की बात कही
ईरान युद्ध के दौरान ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट रखने का सुझाव भी दिया था. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ऐसी तस्वीरें साझा की थीं, जिनमें इसका नाम ट्रंप स्ट्रेट लिखा था.ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिका की मिसिसिपी और हडसन नदियों के नाम नहीं बदलेंगे. उन्होंने मिसिसिपी नदी के बारे में कहा कि उन्हें यह नदी पसंद है. वहीं, हडसन नदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हेनरी हडसन ने बहुत पहले इस नदी में नौकायन किया था और अच्छा काम किया था. हालांकि, ट्रंप ने महासागर और नदी का नाम बदलने के लिए अभी कोई आधिकारिक आदेश जारी नही की है और न ही कोई टाइमलाइन तय की है.















