मुजफ्फरनगर पुलिस की मदद से गूंजी जुड़वा बच्चों की किलकारी.

मुजफ्फरनगर। श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवता का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर दिल्ली लौट रही गर्भवती कांवड़िया नेहा को रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होने पर आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची और महिला को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन और सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा के निर्देशन में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित कराई। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया और कुछ ही समय में नेहा ने सुरक्षित रूप से जुड़वा शिशुओं को जन्म दिया। परिवार ने दोनों नवजातों का नाम गणेश और कार्तिकेय रखा। चिकित्सकों के अनुसार मां और दोनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं। घटना की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा भी जिला अस्पताल पहुंचे।

उन्होंने प्रसूता और नवजातों का हालचाल जाना, परिवार को शुभकामनाएं दीं तथा उपहार भेंट कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की मानवीय भूमिका को एक बार फिर सामने ला दिया। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ-साथ जरूरतमंद श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तत्पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने साबित किया कि वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता और मानवता का भी परिचय है। इस सराहनीय कार्य की स्थानीय लोगों और कांवड़ियों ने भी प्रशंसा की और पुलिस के त्वरित एवं मानवीय व्यवहार को यात्रा के दौरान राहत और भरोसे का बड़ा उदाहरण बताया।

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