मौजूदा समय में अगर किसी हिंदी फिल्म की चर्चा खूब हो रही है तो वह मिर्जापुर (Mirzapur The Movie) है। वेब सीरीज के बाद फिल्म फॉर्मेट को इस मूवी को फैंस की तरफ से गजब का रिस्पॉन्स मिला है और बॉक्स ऑफिस पर ये जमकर धमाल मचा रही है।मिर्जापुर द मूवी का नाम पाकिस्तान के दिग्गज गायक रहे नुसरत फतेह अली खान (Nusrat Fateh Ali Khan) की एक कल्ट कव्वाली को लेकर भी सुर्खियां बटोर रहा है। जिसे 49 साल पहले रिलीज किया गया था और अब ये मिर्जापुर फिल्म में छाई हुई है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
मिर्जापुर मूवी में नुसरत साहब की कव्वाली
शहंशाह-ए-कव्वाली के तौर पर नुसरत फतेह अली खान को जाना जाता था। अपने सुनहरे गायिकी के करियर में उन्होंने कई ऐसे गीत और कव्वाली गाए, जो आज भी संगीत की दुनिया में अमर हैं। नुसरत साहब द्वारा गाए गए यादगार नगमों को समय-समय पर हिंदी सिनेमा की फिल्मों में भी इस्तेमाल किया गया है, जिसमें सांसों की माला पे… (Sanson Ki Mala) कव्वाली का नाम पहले स्थान पर आता है।गौर किया जाए मिर्जापुर द मूवी के सांसों की माला पे.. की मेकिंग की तरफ तो गायत मधुर शर्मा ने अपनी आवाज में इसे गाया है, जबकि संगीतकार की जिम्मेदारी हनीस तनेजा ने निभाई है और क्रेडिट में नुसरत फतेह अली खान का नाम भी शामिल किया गया है। इस तरह से फिल्म का ये शानदार गीत बनकर तैयार हुआ है।
1977 में आई थी कव्वाली
नुसरत फतेह अली खान ने साल 1977 में सांसों की माला पे… कव्वाली को गाया था। तब से लेकर अब तक बॉलीवुड में इसकी धूम देखने को मिली है। शाह रुख खान और माधुरी दीक्षित स्टारर सुपरहिट फिल्म कोयला में भी इसी कव्वाली को गाने की फॉर्मेट में रिलीज किया गया था, जिसे 90 के दशक में काफी पसंद किया गया था।























































