वॉशिंगटन: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हुई है। इस मुलाकात में उन्होंने ईरान के मामले में हर विकल्प खुला रखने यानी सैन्य हमलों से दूरी ना बनाने की बात पर जोर दिया। करीब 90 मिनट की यह बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही गई है लेकिन स्पष्ट है कि इसके केंद्र में ईरान संघर्ष रहा। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले हो रहे हैं तो ट्रंप ने तेहरान के साथ बातचीत भी जारी रखने की बात कही है।अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के अनुसार, नेतन्याहू और ट्रंप की बातचीत में ईरान का मुद्दा छाया रहा। दोनों नेताओं ने ईरान पर कार्रवाई के तीन संभावित तरीकों पर विचार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये तीन विकल्प इस तरह से हैं.
1. पहला विकल्प
पहला तरीका बातचीत से समझौता करने का है। ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरानी अधिकारियों से संपर्क में हैं लेकिन कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। नेतन्याहू का दावा है कि कोई भी समझौता तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नहीं रोक सकेगा।
2. दूसरा विकल्प
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बैठक में दूसरे विकल्प पर ईरान पर आर्थिक दबाव बनाना है। इसमें ईरान के चारों ओर नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखना और अतिरिक्त उपायों के जरिए आर्थिक दबाव बढ़ाना शामिल है।
3. तीसरा विकल्प
अमेरिका के ईरान के खिलाफ तीसरे विकल्प में कूटनीति और प्रतिबंधों के फेल होने पर सैन्य हमलों को फिर शुरू करना शामिल है। अगर बातचीत फेल रहती है और ईरान नहीं झुकता तो फिर ज्यादा बड़े पैमाने पर हमले हो सकते हैं।
एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि हमने उन सभी विकल्पों पर विस्तार से और बहुत खुलकर चर्चा की है। किसी एक विकल्प को दूसरे से बेहतर बताने की कोशिश नहीं की गई। यह देखने की कोशिश हुई कि हर विकल्प से क्या सबसे अच्छा नतीजा निकल सकता है। पूरी बातचीत इसी बारे में थी।
ट्रंप को ग्लोबल इकॉनमी की चिंता
नेतन्याहू ने अमेरिका से सभी विकल्प खुले रखने पर जोर दिया लेकिन ये माना कि आखिरी फैसला डोनाल्ड ट्रंप को लेना है। बैठक में इस टकराव से होने वाले व्यापक आर्थिक असर को लेकर भी चिंता जताई गई। ट्रंप ने तेल की बढ़ती कीमतों और लंबे समय तक चलने वाली लड़ाई का ग्लोबल इकॉनमी पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई।नेतन्याहू ने कहा कि ईरान वॉशिंगटन पर दबाव बनाने के अपने आखिरी बचे हुए जरिया के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर हो रहा है। उन्होंने कहा कि दबाव कम करने के बजाय, नाकेबंदी बनाए रखते हुए आर्थिक उपायों को और तेज किया जाना चाहिए। इससे धीरे-धीरे ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा और वह समझौते पर पहुंचेगा।
नेतन्याहू का सैन्य मदद का मुद्दा
ट्रंप के साथ बैठक में नेतन्याहू ने अमेरिका से इजरायल को मिलने वाली सैन्य मदद पर भी बात की। एक इजरायली अधिकारी के अनुसार, नेतन्याहू ने ट्रंप और जेडी वेंस से कहा कि इजरायल अगले दशक में अमेरिकी सैन्य मदद पर अपनी निर्भरता को खत्म करना चाहता है।
रॉयटर्स के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल के रक्षा उद्योग को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 वर्षों में अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने पर काम शुरू करें। इसके जरिए अमेरिका में बने F-35 लड़ाकू विमानों पर इजरायल की निर्भरता कम की जा सकेगी।























































