मुजफ्फरनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इसी क्रम में जट मुझेड़ा स्थित पोस्टमार्टम हाउस परिसर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियां मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। ऐसे में वृक्षारोपण ही वह प्रभावी माध्यम है, जिसके द्वारा पर्यावरण को संतुलित बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष न केवल शुद्ध वायु प्रदान करता है, बल्कि जल संरक्षण, तापमान नियंत्रण और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य इकाइयों तथा स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यालयों को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर विकसित करना भी है ताकि भविष्य में उनका पूरा लाभ समाज को मिल सके।
उन्होंने भारत सरकार द्वारा संचालित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान मातृत्व सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम है। उन्होंने लोगों से अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी उसी प्रकार देखभाल करने का आग्रह किया, जैसे वे अपनी मां का सम्मान और सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति इस संकल्प को अपनाए तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।
डॉ. तेवतिया ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही वृक्षारोपण को जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और हरित भविष्य के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प दोहराया।























































