नई दिल्ली: चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिजिवन (SIR) के तीसरे चरण में अब तक 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है। शुक्रवार को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, इन राज्यों में वोटर लिस्ट से 1.12 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए जा चुके हैं। इसमें आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा 45 लाख वोटरों के नाम हटाए गए, जबकि हरियाणा में 38.8 लाख नाम डिलीट किए गए हैं।
आने वाले दिनों में इन आंकड़ों में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है, क्योंकि कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली अपनी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने वाले हैं।
आंध्र प्रदेश से 44.80 लाख वोटरों के नाम हटाए गए
शुक्रवार को चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में कुल 4.16 करोड़ मतदाताओं वाली पुरानी लिस्ट में से करीब 10 प्रतिशत यानी 44.80 लाख नाम हटाए गए हैं। इसमें से सबसे ज्यादा 22 लाख मतदाता ऐसे हैं, जो कि अनुपस्थित या स्थानांतरित पाए गए। जबकि 15.22 लाख नाम मृत लोगों के हैं।
हरियाणा में 33.8 लाख वोटरों के नाम कटे
वहीं, हरियाणा में नाम हटाने की दर 16 प्रतिशत से ज्यादा रही। यहां करीब 33.8 लाख नाम हटाए गए हैं। अब तक नाम हटाने की सबसे ज्यादा दर केंद्र शासित प्रदेशों दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में रही है। यहां पर 29 प्रतिशत का रेट रहा है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश 19 फीसदी और हरियाणा में 16 फीसदी दर्ज किया गया है।संख्या के लिहाज से, TDP-शासित आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा लगभग 45 लाख वोटरों के नाम हटाए गए है, जिसके बाद BJP शासित हरियाणा और ओडिशा का नंबर आता है।
इन राज्यों में अभी नहीं शुरू हुई प्रक्रिया
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में, ज्यादातर नाम उन मतदाताओं के हटाए गए हैं जिन्होंने शायद अपना घर बदल लिया है। SIR 3.0 प्रक्रिया में 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 36.73 करोड़ मतदाता शामिल हैं। हालांकि हिमालयी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और असम में यह प्रक्रिया अभी शुरू होनी बाकी है।
और बड़ सकता है वोटर डिलीशन का आंकड़ा
आने वाले दिनों में वोटर डिलीशन का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। ऐसे संकेत हैं कि अकेले कर्नाटक में 80 लाख से ज्यादा नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि झारखंड में लगभग 44 लाख नाम हटाए जा सकते हैं। दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की उम्मीद है, क्योंकि यहां सालों से काम के सिलसिले में लोगों का आना-जाना और शहरों के भीतर ही बार-बार घर बदलना आम बात रही है। महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक 17 अगस्त को अपनी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेंगे। पंजाब 3 अगस्त को, जबकि झारखंड और मेघालय 5 अगस्त को और तेलंगाना 8 अगस्त को अपनी लिस्ट जारी करेंगे।चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, SIR 3.0 वाले राज्यों में अंतिम मतदाता सूची सितंबर से दिसंबर के बीच जारी की जाएगी। आयोग ने कई राज्यों में राज्य सरकारों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध पर प्रक्रिया की समयसीमा में बदलाव भी किया है।























































