मौलाना अरशद मदनी, जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष, ने वक्फ संशोधन बिल पर गंभीर चेतावनी दी है। उनके अनुसार, यह बिल मुसलमानों के लिए मुसीबत का कारण बन रहा है और देश में धार्मिक तनाव को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने दिल्ली की प्राचीन मस्जिदों का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू समाज इस भूमि पर हड़पने की कोशिश कर रहा है और 500 साल पुराने दस्तावेजों को चुनौती दे रहा है।मदनी ने आरोप लगाया कि सरकार मुसलमानों की संपत्तियाँ जब्त करने की कोशिश कर रही है और वक्फ संपत्तियों को अल्लाह की मिल्कियत में रखने का दावा कर रही है। उन्होंने समाज में एकता की अपील करते हुए कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भाई-भाई हैं और मौजूदा परिस्थितियाँ इस भाईचारे को खतरे में डाल रही हैं।
उन्होंने बीजेपी की सरकार की नीतियों की भी आलोचना की और कहा कि अगर सरकार भाई-भाई की नीति अपनाती है तो देश सशक्त रहेगा। इसके विपरीत, विभाजनकारी नीतियाँ देश को बर्बाद कर देंगी। मदनी ने बुलडोजर एक्शन पर भी कड़ा विरोध किया और कहा कि इससे अधिकतर मुसलमानों के मकान गिर रहे हैं, जो संविधान के खिलाफ है।फिलिस्तीन के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी निंदा की और कहा कि अगर विभाजनकारी नीतियाँ जारी रहती हैं तो देश का विनाश होगा। कुल मिलाकर, मदनी ने समाज में सद्भाव और एकता बनाए रखने की अपील की है और विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई है।























































