पेरू में बड़ा हादसा, नाज्का लाइंस का टूरिस्ट प्लेन क्रैश, 13 लोगों की मौत.

पेरू में नाज्का शहर के बाहर पर्यटकों को ले जा रहा एक प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई. फेसबुक पर जारी एक बयान में, नाज़का की नगर सरकार ने कहा कि शनिवार को यह प्लेन पर्यटकों को नाजका लाइन्स दिखाने के लिए उड़ान पर ले जा रहा था. नाजका लाइन्स, रेगिस्तान में बनी जियो-ग्लिफ का एक समूह है, जिसे सैकड़ों साल पहले पेरू के मूल निवासियों ने बनाया था. इन लाइन्स से जानवरों की आकृतियां बनती हैं, जिन्हें पूरी तरह से सिर्फ प्लेन या व्यूइंग टावर से ही देखा जा सकता है.नाज्का सरकार ने बताया कि प्लेन पास के शहर इका से उड़ा था और इसे पेरू की कंपनी एयरोडियाना (Aerodiana) ऑपरेट कर रही थी. एयरलाइन की वेबसाइट के अनुसार, वे पिछले 14 सालों से सेसना ग्रैंड कारवां (Cessna Grand Caravan) प्लेन का इस्तेमाल करके नाजका लाइन्स के ऊपर दर्शनीय उड़ानें (scenic flights) उपलब्ध करा रहे हैं. पेरू के अधिकारियों ने कहा कि हादसे की जांच की जा रही है. एयरोडियाना से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी.

पेरू की एयरलाइन ‘एरोडियाना’ का था विमान

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि विमान पेरू की एयरलाइन ‘एरोडियाना’ का था. इस मामले पर टिप्पणी के लिए एयरलाइन तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी. स्थानीय समाचार चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, यह फ्लाइट ‘पिस्को एयरपोर्ट’ से ‘नाज्का लाइन्स’ के नजारे देखने के लिए रवाना हुई थी, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद कंट्रोल टावर से इसका संपर्क टूट गया.

हादसे की जांच जारी

अधिकारियों ने अभी तक दुर्घटना का कारण पता नहीं लगाया है और कहा है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में एक सूखे मैदान में विमान का धुआं निकलता मलबा बिखरा हुआ दिखाई दिया. इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी.

यूनेस्को की लिस्ट में शामिल ‘नाज्का लाइन्स’

‘नाज्का लाइन्स’ यूनेस्को की सूची में शामिल एक पुरातात्विक स्थल है, जहां रेगिस्तान में विशाल प्राचीन जियो-ग्लिफ (जमीन पर बनी आकृतियां) बने हुए हैं. यहां हर साल लगभग 1,00,000 पर्यटक आते हैं. ज्यादातर पर्यटक छोटे विमानों से इस जगह का नजारा देखते हैं.

धूल उड़ने के कारण विजिबिलिटी कम

दुर्घटना से एक दिन पहले, पास के ‘मारिया रीचे एयरपोर्ट’ से होने वाली साइटसीइंग फ्लाइट्स को रोक दिया गया था. ऐसा 40 किमी/घंटा से ज़्यादा तेज हवाओं के कारण किया गया था, जिनसे धूल उड़ने के कारण विजिबिलिटी कम हो गई थी. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, खराब मौसम की वजह से पर्यटकों को ले जा रहे दो विमानों को ‘मार्कोना एयरपोर्ट’ की ओर मोड़ दिया गया था.

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts