मुजफ्फरनगर। उप कृषि निदेशक कार्यालय के सभागार में उत्तर प्रदेश मिलेट्स (श्री अन्न) पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के सदस्यों और किसानों को मिलेट्स के आर्थिक एवं पौष्टिक महत्व, बीज उत्पादन, प्राकृतिक खेती तथा मोटे अनाज को कृषि पद्धति में शामिल करने के लिए व्यवहार परिवर्तन की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन मीतू वर्मा, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रशासक जिला पंचायत अध्यक्ष डा. वीरपाल निर्वाल रहे। उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही ने बुके देकर उनका स्वागत किया। प्रशिक्षण में सहायक निदेशक मत्स्य डा. अनिता, कृषि विज्ञान केंद्र बघरा की कृषि वैज्ञानिक डा. सविता आर्य, गन्ना शोध के वैज्ञानिक डा. वेदप्रकाश और नाबार्ड के डीडीएम निलय वत्स ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा प्राकृतिक खेती से जुड़े सीआरपी, एफपीओ सदस्यों और बड़ी संख्या में किसानों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।
डा. वीरपाल निर्वाल ने मिलेट्स योजना के तहत रेसिपी प्रतियोगिता समेत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को जागरूक किया। डा. अनिता ने रागी, कोदो और बाजरा जैसे मोटे अनाज को दैनिक खानपान में शामिल करने पर जोर दिया। डा. सविता आर्य ने गेहूं के आटे में 25 से 30 प्रतिशत मिलेट्स मिलाकर प्रयोग करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया।
डा. वेदप्रकाश ने गन्ने की बुवाई के साथ मिलेट्स की खेती करने पर जोर दिया। अंत में उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही ने मिलेट्स के उत्पादन, उपयोग और लाभों की विस्तृत जानकारी देते हुए कार्यक्रम का समापन किया।























































