हीटवेव यानी लू के मौसम में अस्थमा के मरीजों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि गर्म हवा, धूल और प्रदूषण फेफड़ों की तकलीफ को और बढ़ा सकते हैं। ऐसे मौसम में बाहर निकलने से बचें, खासकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच। घर में ठंडा और साफ वातावरण बनाए रखें। पानी और तरल पदार्थों का भरपूर सेवन करें ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो। इनहेलर और दवाइयां हमेशा साथ रखें और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न बदलें। सांस लेने में कठिनाई या सीने में जकड़न महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। साफ-सुथरा और हल्का खाना खाएं और धूल व धुएं से दूर रहें। छोटे-छोटे एहतियात हीटवेव में अस्थमा के मरीजों को गंभीर स्थिति से बचा सकते हैं।























































