जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन कराने के लिए दर-दर भटक रहा पत्रकार, अधिकारियों से नहीं मिला स्पष्ट जवाब

अलीगढ़। नगर निगम अलीगढ़ में वर्ष 2001 में जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र को ऑनलाइन कराने का मामला सामने आया है। पुराने जन्म प्रमाण पत्र और निगम के रिकॉर्ड में जन्मतिथि को लेकर अंतर बताए जाने के बाद पत्रकार शारिक खान अपने परिजन का प्रमाण पत्र ऑनलाइन और क्यूआर कोड युक्त कराने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें मामले के समाधान को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।

शारिक खान के मुताबिक, उनके पास नगर निगम अलीगढ़ की ओर से वर्ष 2001 में जारी किया गया मूल जन्म प्रमाण पत्र मौजूद है। प्रमाण पत्र बुक संख्या 36 और क्रम संख्या 34 में 23 जनवरी 2001 के रिकॉर्ड के अनुसार दर्ज है। इसी पुराने प्रमाण पत्र के आधार पर ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार कराने और क्यूआर कोड वाला नया जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उन्होंने नगर निगम में आवेदन किया।बताया गया कि निगम के रिकॉर्ड की जांच के दौरान जन्मतिथि में एक अंक का अंतर सामने आया है। कर्मचारियों के अनुसार रजिस्टर में जन्म का रिकॉर्ड मौजूद है, लेकिन उसमें दर्ज जन्मतिथि पुराने प्रमाण पत्र से अलग बताई जा रही है। इसी अंतर के कारण ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

 

शारिक खान का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए वह कई बार नगर निगम कार्यालय जा चुके हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड रूम प्रभारी मोहन पाठक से भी मामले में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उनके अनुसार समस्या के समाधान को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। वहीं, जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड से संबंधित अधिकारी सहायक नगर आयुक्त तपस्या यादव से भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन पत्रकार के अनुसार उन्हें भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला।मामले में सवाल उठ रहा है कि यदि वर्ष 2001 में नगर निगम की ओर से जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया था तो वर्तमान रिकॉर्ड में जन्मतिथि को लेकर अंतर कैसे सामने आया। शारिक खान का कहना है कि वर्ष 2001 में जारी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर ही उनके भाई के अन्य मूल दस्तावेज तैयार हुए हैं। ऐसे में पुराने प्रमाण पत्र और वर्तमान निगम रिकॉर्ड में अंतर होने से परिवार को दस्तावेज संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शारिक खान ने नगर निगम प्रशासन से वर्ष 2001 के मूल रिकॉर्ड और जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र का मिलान कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने नियमानुसार रिकॉर्ड को दुरुस्त कर सही ऑनलाइन एवं क्यूआर कोड युक्त जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन मामले में क्या कार्रवाई करता है और लंबे समय से कार्यालय के चक्कर काट रहे पत्रकार को कब तक समस्या से राहत मिलती है।

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