पटना। राज्य में कार्यरत 8984 सहकारी समितियाें को स्टार्टअप से जोड़ने की तैयारी है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली समितियों को सरकार 20 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी। यह राशि बढ़ाई भी जाएगी।सहकारिता विभाग ने सहकारी समितियों को सुदृढ़ बनाने हेतु मुख्य कार्य पदाधिकारी की तैनाती का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे सहकारी समितियों को वित्तीय प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार करने में सहायता मिलेगी।समितियों को ई-डिस्ट्रिक्ट योजना से भी जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और प्रचार में सहायता मिलेगी।
20-20 लाख रुपये की मिलेगी आर्थिक मदद
सहकारिता विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक बाजार की स्थितियों के साथ तालमेल बिठाने और सहकारी समितियों की व्यावसायिक रूप से आगे लाने हेतु स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन इको-सिस्टम को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई जा रही है।इसी के तहत पैक्सों की मांग के अनुरूप एक शेयर की कीमत 1000 रुपये करने पर विचार किया जा रहा है। अभी पैक्स की प्रति शेयर दर दस रुपये है।शेयर के दाम ज्यादा होंगे तो पैक्सों की कार्यशील पूंजी निर्माण में मदद मिलेगी। पैक्सों का बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करने में यह पूंजी काम आएगी।
अतिरिक्त वित्तीय सहायता की भी योजना
साथ ही किसानों की सहायता में सहकारी समितियां आगे आएंगी, इसके लिए उन्हें कार्यक्षमता व दक्षता के आधार पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की भी योजना बनाई जा रही है।बीमार सहकारी समितियों की सहायता के लिए कोष स्थापित किया जाएगा। हाल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समीक्षा बैठक के दौरान सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने का आदेश दिया था।मोबाइल एप विकसित कर सहकारी समितियों को अपग्रेड किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष अनिवार्य रूप से आडिट होगा। इससे सहकारी समितियों में वित्तीय प्रबंधन करने में मदद मिलेगी।























































