मुंबई मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटील ने गुरुवार को ऑडियो क्लिप जारी कर महाराष्ट्र की सियासत का पारा चढ़ा दिया है। इस ऑडियो क्लिप में दावा किया गया है कि एकनाथ शिंदे ने मनोज जरांगे को देने के लिए बीजेपी से 500 करोड़ रुपये लिए थे।इसमें यह भी कहा गया है कि श्रीकांत शिंदे के माध्यम से यह रकम पहुंचाई गई थी। जरांगे ने इसे पूरी तरह से खारिज करते हुए सबूत मांगने या स्पष्टीकरण देने की चुनौती दी है। हालांकि, क्लिप की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस मसले को लेकर देर रात शिंदे सेना के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वर्षा निवास पर मुलाकात की और पूरे मामले की जांच की मांग की।
जरांगे का आरोप, बदनाम करने की साजिश
जालना जिले की अंबड़ तहसील के अंकुश नगर में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनाई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से उन्हें बदनाम करने और उनके आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से कथित साजिश की जांच कराने की मांग की। क्लिप में कुछ लोग मराठवाड़ा में जरांगे के बढ़ते प्रभाव और चुनावों में उनके संभावित असर पर चर्चा करते सुनाई देते हैं। जरांगे ने कहा कि उनके पास इस मामले से जुड़े कुछ सूत्र हैं और सरकार को सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री फडणवीस इस क्लिप की जांच नहीं कराते हैं, तो इससे संदेह और गहरा होगा। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ऑडियो क्लिप आने के बाद शिवसेना ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
ऑडियो क्लिप आने के बाद शिवसेना नेता और उद्योग मंत्री सामंत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सामंत ने कहा कि श्रीकांत शिंदे का नाम सामने लाकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, मराठा समाज और एकनाथ शिंदे के बीच दूरियां पैदा करने का प्रयास भी हो सकता है। इस पूरे प्रकरण के पीछे की वास्तविकता जांच के जरिए सामने आनी चाहिए। जरांगे ने जो क्लिप सामने रखी है, उसमें जो 500 करोड़ रुपये का जिक्र किया गया है, ऐसी कोई रकम ना तो जरांगे पाटील को मिली है और ना ही श्रीकांत शिंदे ने दी है। ऐसे में उस क्लिप में 500 करोड़ का नाम लिया जा रहा है। हमारी मांग है कि जिस महिला ने 500 करोड़ का उल्लेख किया है, उस महिला को यह जानकारी किसके द्वारा दी गई है। इस बारे में उनके वरिष्ठ नेताओं को जानकारी है या नहीं, इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
शिवसेना नेता उदय सावंत ने की एसआईटी जांच की मांग
उदय सामंत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की कि वे इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दें। SIT के माध्यम से क्लिप की सत्यता, उसके स्रोत, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की जांच की जाए, ताकि सच जनता के सामने आ सके। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राजनीतिक नेतृत्व के बीच अविश्वास पैदा करने वाले मामलों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। निष्पक्ष जांच के माध्यम से दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए तथा यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बीजेपी नेता श्वेता शालिनी, विधायक अतुल भातखलकर और यूट्यूबर सुशील कुलकर्णी की भूमिका की जांच की मांग की।















