3245 जल सखियां, हर घर तक पहुंचा रहीं शुद्ध जल

बांदा। गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने और उसकी गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए योगी सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को बड़ी ताकत बनाया है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल नल योजना में जिले की 3245 महिलाएं जल सखी बनकर पानी की शुद्धता की पहरेदारी कर रही हैं। ये सखियां न सिर्फ पानी के नमूने लेती हैं, बल्कि जांच कर गांव वालों को जल बचाने का पाठ भी पढ़ा रही हैं। जिले के सभी 649 राजस्व गांवों से 5-5 महिलाओं का चयन कर उन्हें जल सखी बनाया गया है। ये महिलाएं पूरी निष्ठा के साथ अपने काम में जुटी हैं।

जल निगम के अधिशासी अभियंता विमल कुमार वर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना विभाग की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए गांव की पढ़ी-लिखी महिलाओं, आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम का चयन ग्राम पंचायत के माध्यम से किया गया है। विभाग द्वारा इन जल सखियों को फील्ड टेस्ट किट दी गई है। इस किट से पानी की शुद्धता के 10 पैरामीटर पर जांच की जाती है। प्रति जांच के बदले जल सखी को 20 रुपये मानदेय दिया जाता है। इससे गांव में पानी की गुणवत्ता की निगरानी मजबूत हुई है और महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी भी मिल रही है। जल सखियों की भूमिका सिर्फ पानी जांचने तक सीमित नहीं है। ये महिलाएं गांव वालों को रेनवाटर हार्वेस्टिंग यानी वर्षा जल संचयन और पानी की बचत के उपायों के प्रति भी जागरूक कर रही हैं।इन्हें ग्राम स्तर पर गठित जल समितियों में सदस्य के रूप में भी शामिल किया गया है। इससे पेयजल आपूर्ति की निगरानी मजबूत हुई है और पेयजल से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों को सामने लाने में भी इनकी अहम भूमिका बन गई है।

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