मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी ने आगामी मेरठ खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव में कथित फर्जी मतदाता बनाने का आरोप लगाते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के आरोपों की जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मेरठ मंडल के छह और सहारनपुर मंडल के तीन जनपद शामिल हैं। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान हैं। सपा का आरोप है कि इन नियमों का उल्लंघन कर फर्जी आधार कार्ड और स्नातक अंतिम वर्ष की कूटरचित अंकतालिकाओं के आधार पर वोट बनवाए गए। इस संबंध में 30 सितंबर और कुछ जनपदों में एक अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को फोटो और वीडियो सहित ज्ञापन भी दिए गए थे।
पार्टी ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर 2026 को जारी मतदाता सूची के अवलोकन में विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से स्नातकों का डेटा उनकी सहमति एवं हस्ताक्षर के बिना इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि गैर-स्नातक लोगों को फर्जी अंकतालिकाओं के आधार पर मतदाता बनवाने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी की गई। सपा ने इस कथित प्रक्रिया में भाजपा प्रत्याशी और पूर्व संभावित प्रत्याशियों की भूमिका की जांच कराने की मांग भी उठाई।ज्ञापन में गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में इस तरह की गतिविधियां होने का आरोप लगाया गया। पार्टी ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं सहित संबंधित निर्वाचन कानूनों का उल्लेख करते हुए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को गंभीर मामला बताया। साथ ही लोगों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदान प्रक्रिया में शामिल न होने की अपील की।
ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष पुष्पेंद्र त्यागी उर्फ बॉबी, प्रदेश सचिव चौधरी इलम सिंह गुर्जर, गौरव जैन, पवन बंसल, चौधरी विकिल अहलावत गोल्डी, पूजा अनिल अंबेडकर, सलीम मलिक, असद पाशा, रामपाल सिंह पाल, अनुज गुर्जर, रविकांत त्यागी और तहसीन मंसूरी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।















