मुजफ्फरनगर। खतौली ब्लॉक के ग्राम नूना और भैंसी में किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संचालित 14 सप्ताह के किसान फील्ड स्कूल (FFS) के दूसरे सप्ताह का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय के अंतर्गत केंद्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्र (CIPMC), देहरादून द्वारा किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को फसलों की नियमित निगरानी, कीट एवं रोगों की पहचान तथा मित्र कीटों के महत्व की जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि फसलों में अनावश्यक रूप से रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग न करें, बल्कि आर्थिक क्षति स्तर और आवश्यकता के आधार पर ही सुरक्षित नियंत्रण उपाय अपनाएं। जैविक, यांत्रिक और भौतिक नियंत्रण विधियों के साथ IPM तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
ग्राम नूना में विकास, सुमन, राजवीर, संजीव, गौरव, अजय, परवीन और रामगोपाल सिंह सहित अन्य किसानों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। वहीं ग्राम भैंसी में कैथरीना, अनु मलिक, सतेंद्र, अमित कुमार, आकाश, अजय और अर्जुन सहित अन्य किसान शामिल हुए।
CIPMC देहरादून के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी नितिन कुमार और धर्मेश ने किसानों को फसल सुरक्षा, कीट एवं रोगों की पहचान और प्रभावी प्रबंधन की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य कीटनाशकों का संतुलित उपयोग घटाकर लागत कम करना और किसानों को सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों के लिए सक्षम बनाना है।























































