कोच्चि से अबू धाबी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की बोइंग 737 फ्लाइट IX 415 को उड़ान के बीच में ही वापस कोच्चि लौटना पड़ा. सूत्रों के मुताबिक, विमान के इंजन नंबर-1 में तेल की मात्रा तेजी से कम होने का पता चलने के बाद क्रू ने स्थिति का आकलन किया. तेल का प्रेशर खतरे के स्तर तक पहुंचने पर इंजन नंबर-1 को बंद कर दिया गया. इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतार लिया गया.
36 हजार फीट की ऊंचाई पर सामने आई तकनीकी समस्या
क्रू ने FORDEC के तहत किया स्थिति का आकलन
इंजन की स्थिति को देखते हुए क्रू ने FORDEC Assessment किया. यह निर्णय लेने की प्रक्रिया है, जिसके तहत किसी आपात या असामान्य स्थिति में उपलब्ध तथ्यों और विकल्पों का आकलन कर आगे की कार्रवाई तय की जाती है. आकलन के दौरान इंजन नंबर 1 में तेल की मात्रा लगातार गिरती रही. इसके बाद क्रू ने अबू धाबी की उड़ान जारी रखने के बजाय विमान को वापस कोच्चि ले जाने का फैसला किया.
खतरे के स्तर पर पहुंचा ऑयल प्रेशर, इंजन किया बंद
सूत्रों के अनुसार, इंजन नंबर-1 का ऑयल प्रेशर डेंजर जोन में पहुंचने के बाद क्रू ने एहतियात के तौर पर इंजन को बंद कर दिया. इसके बाद विमान ने अबू धाबी की ओर आगे बढ़ने के बजाय कोच्चि लौटने का रुख किया. विमान को कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया. इस घटना में विमान के सुरक्षित लौटने के बाद यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित हो गई.इससे पहले थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट A12379 के को-पायलट का साइकोएक्टिव पदार्थ (नशीले पदार्थ) का टेस्ट पॉजिटिव आया था. दरअसल, ओडिशा के ऊपर उड़ान के दौरान यह फ्लाइट अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गई थी, जिससे विमान में सवार यात्रियों को जोरदार झटका लगा था. अब सामने आई रिपोर्ट में पुष्टि हुई थी कि घटना के समय विमान का को-पायलट नशीले पदार्थ के प्रभाव में था.पोर्ट में बताया गया था कि घटना के समय विमान के को-पायलट नशीले पदार्थ के प्रभाव में था. उसके साइकोएक्टिव पदार्थ टेस्ट का परिणाम पॉजिटिव आया था. हालांकि, को-पायलट के नशीले पदार्थ के प्रभाव में होने और विमान के अचानक 300 फीट नीचे आने के बीच सीधा संबंध क्या था, यह जांच का विषय था.























































