धौलपुर । सुशासन सप्ताह 2024 के तहत “प्रशासन गांव की ओर” अभियान के अंतर्गत जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस प्रेम सिंह मेहरा ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सुशासन का उद्देश्य वर्तमान भौतिक स्थिति और भविष्य की कल्पना के बीच के अंतर को कम करना होना चाहिए। उन्होंने विजन-2047 पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारे लक्ष्य महत्वाकांक्षी और व्यावहारिक होने चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे क्षेत्रों में हमें निकट भविष्य में ही ठोस उपलब्धियां हासिल करने की दिशा में काम करना चाहिए।

उन्होंने सुशासन को समावेशी बताते हुए कहा कि इसमें वंचितों और शोषितों के कल्याण के साथ-साथ सार्वजनिक और निजी संस्थानों की भी भूमिका होनी चाहिए। क्षेत्र भ्रमण की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह मात्र औपचारिकता न होकर गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, जिससे जमीन पर सकारात्मक बदलाव लाए जा सकें।जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने जिले में अपनाई गई सुशासन प्रथाओं और विजन डॉक्यूमेंट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ आमजन को शासन के करीब लाना और सेवाओं की सुगम व समयबद्ध प्रदायगी सुनिश्चित करना है। बेहतर प्रबंधन और समन्वय से विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
कार्यशाला में विभागीय अधिकारियों ने सेक्टरवार वर्तमान स्थिति और भविष्य के विजन पर चर्चा की। सुशासन प्रथाओं पर आधारित एक फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। प्रश्नोत्तर सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।अंत में, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए एन सोमनाथ ने सभी प्रतिभागियों और वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि सुशासन का प्रभाव कार्य और व्यवहार में परिलक्षित होना चाहिए। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर धीरेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा, और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।















