मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम थाना और दूरसंचार विभाग (DOT) की संयुक्त टीम ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है सूचना पर बुढ़ाना मोड़ क्षेत्र से तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो फर्जी दस्तावेजों पर सिम कार्ड जारी कर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे। यह गैंग दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब सहित कई राज्यों के भोलेभाले लोगों की पहचान का दुरुपयोग कर उनके नाम पर सिम कार्ड लेता था और उन्हें VOIP (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) तकनीक से विदेशी कॉल्स के लिए इस्तेमाल करता था। इस तकनीक से विदेशी कॉल्स भारतीय मोबाइल नंबरों पर लोकल कॉल के रूप में दिखाई देती थीं, जिससे कॉल ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था और सरकार को अंतरराष्ट्रीय कॉल टैक्स का नुकसान होता था।पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी विदेशी साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालन के बदले में USDT क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान प्राप्त कर रहे थे, जिसे बाद में भारतीय रुपये में बदलते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोसीन (ग्राम काजीखेड़ा, थाना तितावी), सद्दाम हुसैन (ग्राम कम्हेड़ा, थाना ककरौली) और मोहम्मद फिरोज (मोहल्ला कल्याण सिंह, थाना मवाना, मेरठ) के रूप में हुई है। इनके कब्जे से 3 डेस्क बॉक्स, 4 Wi-Fi राउटर, 7 मोबाइल फोन, 40 सिम कार्ड, 1 लैपटॉप और कई अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।इस कार्रवाई को साइबर क्राइम थाना मुजफ्फरनगर और दूरसंचार विभाग मेरठ की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया, जिसमें कुल 12 अधिकारियों और कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।















