सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि महिला सैन्य अधिकारियों के मनोबल को गिराने वाले कदम न उठाए जाएं। कोर्ट ने कहा कि महिलाओं को स्थायी कमीशन (Permanent Commission) देने में भेदभाव नहीं होना चाहिए और उन्हें पुरुष अधिकारियों के समान अवसर मिलने चाहिए।यह टिप्पणी उन मामलों के संदर्भ में आई है, जिनमें कई महिला अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें जानबूझकर पदोन्नति, जिम्मेदारियां और स्थायी कमीशन से वंचित किया जा रहा है। कोर्ट ने केंद्र से यह भी पूछा कि जब महिलाओं ने हर चुनौती में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, तो फिर उनके साथ यह असमानता क्यों?न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि महिलाओं को अवसरों से वंचित करना संविधान के समानता के अधिकार के खिलाफ है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला अधिकारियों की योग्यता और समर्पण पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता।सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।















