मुज़फ्फरनगर। संविधान दिवस के अवसर पर जिले के राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण, मुज़फ्फरनगर में एक गरिमामय शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व अभिकरण की प्रबंधक रितु चौधरी ने किया, जिसमें संस्था के सभी कार्मिकों के साथ-साथ महिला पुलिस चौकी और चाइल्ड हेल्पलाइन से जुड़े कर्मचारी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। संविधान दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने भारत के संविधान की प्रस्तावना को सामूहिक रूप से दोहराते हुए राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा और कर्तव्यपालन के संकल्प को पुनः दृढ़ किया।शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान संविधान की प्रस्तावना के उन मूल्यों को दोहराया गया, जिन पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव रखी गई है। कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने की दिशा में सदैव अपना योगदान देते रहेंगे। शपथ के माध्यम से यह भी दोहराया गया कि देश के प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
प्रतिभागियों ने विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता को संरक्षित रखने का भी वचन लिया। सभी ने समान अवसर, गरिमा और बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देने तथा राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सर्वोपरि रखने का संकल्प जताया। संविधान की प्रस्तावना के इन मूल आदर्शों को दोहराते हुए उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि ये मूल्य केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनको व्यवहार में उतारना ही संविधान दिवस का वास्तविक उद्देश्य है।प्रबंधक रितु चौधरी ने कहा कि संविधान किसी भी राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण धरोहर होता है, और उसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संविधान में निहित मूल्यों को जीवन के हर क्षेत्र में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि दत्तक ग्रहण अभिकरण जैसे संस्थानों के लिए संविधान के आदर्श विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के हित से जुड़े संवेदनशील विषयों पर कार्य किया जाता है।महिला पुलिस चौकी और चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मियों ने भी सामूहिक शपथ के माध्यम से यह संदेश दिया कि वे समाज के कमजोर वर्गों और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान तथा अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर तत्पर रहेंगे। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्रहित, सामाजिक सद्भाव तथा मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखने की प्रतिबद्धता जताई।संविधान दिवस का यह आयोजन न सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम था बल्कि यह सभी को यह याद दिलाने का अवसर भी था कि देश की प्रगति, लोकतंत्र की मजबूती और समाज में न्याय-समानता स्थापित करने की दिशा में प्रत्येक नागरिक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि वे संविधान की गरिमा, मूल्यों और आदर्शों की रक्षा के लिए सदैव पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहेंगे।















