संविधान दिवस पर मुज़फ्फरनगर में सामूहिक प्रस्तावना वाचन, अधिकारियों ने लिया संवैधानिक मूल्यों के पालन का संकल्प

मुज़फ्फरनगर। संविधान दिवस के अवसर पर ज़िला पंचायत सभागार में “हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान” के तहत एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का नेतृत्व ज़िलाधिकारी उमेश मिश्रा ने किया। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पुलिस कर्मियों को संविधान की महत्ता से अवगत कराते हुए प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया और संवैधानिक मूल्यों के पालन की शपथ दिलाई।कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। ज़िलाधिकारी ने कहा कि भारत का संविधान केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, जो नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। उन्होंने बताया कि संविधान हमें अधिकार प्रदान करता है, लेकिन साथ ही कर्तव्यों को निभाने का दायित्व भी देता है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवैधानिक मर्यादाओं के साथ करें।

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार सिंह, एडीएम न्यायिक सहित जिले के सभी अनुभागों के अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा पुलिस कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में प्रस्तावना का पाठ कर यह संदेश दिया कि संविधान सर्वोपरि है और उसके मूल्यों की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने इस अवसर पर कहा कि संविधान दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह वह दिन है जो हमें हमारे संवैधानिक अस्तित्व और कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और आम जनता के प्रति उत्तरदायित्व को प्राथमिकता दें। वहीं अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार सिंह ने कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और अधिकार दिए हैं, और इस महान दस्तावेज़ को समझना तथा उसके मूल्यों को जीवन में उतारना समय की आवश्यकता है।एडीएम न्यायिक ने संविधान की न्यायप्रिय भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि न्यायपालिका से लेकर प्रशासन तक, हर संस्था संविधान के दायरे में ही कार्य करती है। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि हम संवैधानिक अनुशासन और सम्मान को सर्वोच्च स्थान दें।

कार्यक्रम में भाग लेने आए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों ने भी संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सभागार में संविधान दिवस से संबंधित स्लोगन और पोस्टर भी लगाए गए थे, जो नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहे थे।अंत में ज़िलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को यह संदेश दिया कि संविधान दिवस के अवसर पर लिया गया यह संकल्प जीवनभर याद रहे। उन्होंने कहा कि जब तक हम संविधान के मूल्यों को अपने कार्य और व्यवहार में नहीं उतारेंगे, तब तक समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है।इस प्रकार संविधान दिवस का यह कार्यक्रम न केवल सामूहिक प्रस्तावना वाचन तक सीमित रहा, बल्कि इसने सभी को संविधान की आत्मा को समझने और उसे व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित किया।

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