मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के सांसद हरेन्द्र मलिक जिला अस्पताल पहुंचे और कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई तीन वर्षीय मासूम बच्ची का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने बच्ची के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली तथा अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। सांसद ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद सांसद हरेन्द्र मलिक ने कहा कि अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों का खुलेआम घूमना और उनका हमला करना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को तत्काल प्रभावी और ठोस कदम उठाने चाहिए। यदि संबंधित अधिकारी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सक्षम नहीं हैं तो वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।सांसद ने कहा कि जिला अस्पताल को लेकर उन्हें समय-समय पर भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार संबंधी शिकायतें मिलती रहती हैं। हालांकि इस बार एक मासूम बच्ची पर कुत्तों के हमले की घटना ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने, आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने तथा अस्पताल की निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की। सांसद ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि आम लोगों के मन में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अविश्वास भी पैदा करती हैं।इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल द्वारा जिला अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने और व्यवस्थाओं में सुधार किए जाने संबंधी दावों पर भी टिप्पणी की। हरेन्द्र मलिक ने कहा कि सरकार उनकी है और उन्हें काम करने से किसी ने नहीं रोका है। यदि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया गया है तो उसका लाभ आम जनता को धरातल पर दिखाई देना चाहिए। केवल घोषणाएं और दावे करने से समस्याओं का समाधान नहीं होता, बल्कि वास्तविक सुधार और बेहतर व्यवस्थाएं जनता के सामने नजर आनी चाहिए।
सांसद ने कहा कि जिला अस्पताल में सुरक्षा, स्वच्छता और उपचार संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस घटना से सबक लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज या परिजन को ऐसी पीड़ादायक स्थिति का सामना न करना पड़े।























































