भारत और नेपाल संयुक्त कार्यसमूह की 14वीं बैठक में दो दिन तक मंथन के बाद दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन और सुरक्षा मजबूत करने, अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और सड़कों और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने पर सहमति बनी।सीमा स्तंभों के संरक्षण को आवश्यक माना गया।
साथ में दसगजा (दस गज यानी तकरीबन तीस फीट चौड़ा नो मैन्स लैंड) पर अतिक्रमण और क्षतिग्रस्त सीमा स्तंभों के लिए ड्रोन मैपिंग का समर्थन किया गया, ताकि विवाद की स्थिति से निपटा जा सके। यह तय हुआ कि इन विषयों पर निरंतर संवाद और संपर्क जारी रहेगा। संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक नेपाल में दोनों पक्षों की सहमति से निर्धारित तिथि पर होगी।मसूरी रोड स्थित होटल ताज में आयोजित संयुक्त कार्यसमूह की बैठक के दूसरे व अंतिम दिन शुक्रवार को भारत और नेपाल ने सीमा प्रबंधन और सुरक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की।
दोनों देशों ने सीमा से जुड़े सभी प्रमुख विषयों की समीक्षा करते हुए आपसी समन्वय और सहयोग जारी रखने पर जोर दिया। सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और सीमा स्तंभों के रखरखाव का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा।दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत समन्वय और क्षमता निर्माण को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया। भारत की ओर से गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पौसुमी बसु और नेपाल के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफ्ले ने किया।
एकीकृत जांच चौकियों पर भी विशेष जोर
बैठक में सीमा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर दोनों देशों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। विशेष रूप से एकीकृत जांच चौकियों (आईसीपी), सड़क और रेल नेटवर्क को मजबूत करने और उनके प्रभावी उपयोग पर दोनों पक्षों ने विचार साझा किए। इन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई पर सहमति
बैठक में सीमा पार होने वाले अपराध और आपराधिक गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उपायों पर विचार किया गया। दोनों देशों ने इस दिशा में आपसी समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।























































