अखिलेश राज में अपराध योगी सरकार में राहत आंकड़े आये सामने.

बांदा। उत्तर प्रदेश के जनपद बाँदा में कानून व्यवस्था को लेकर 2012-2017 अखिलेश सरकार और 2017-2022 योगी सरकार के 5-5 साल के पुलिस आंकड़ों की तुलना से स्पष्ट हो रहा है कि योगी सरकार के कार्यकाल में सभी अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अखिलेश सरकार के 5 साल में जनपद बाँदा में डकैती, लूट, हत्या, बलात्कार और दंगों की घटनाएं अधिक थीं, वहीं योगी सरकार में इन्हीं अपराधों में भारी कमी आई है। जनपद में अखिलेश सरकार में 2 डकैती की घटनाएं दर्ज थीं, जो योगी सरकार में शून्य हो गईं। लूट में 19 और चोरी में 208 घटनाओं की कमी आई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के कारण लूट-चोरी के मामलों में कमी आई।महिला सुरक्षा में सुधार हुआ बलात्कार के मामले 216 से घटकर 163 रह गए। इसी तरह बालिका अपहरण में 28 और बालक अपहरण में 3 मामलों की कमी दर्ज की गई।

मिशन शक्ति और एंटी रोमियो अभियान इसका कारण है।बलवा के मामले 285 से घटकर 113 रह गए। यानी 172 दंगे योगी सरकार में कम हुए। गम्भीर चोट के मामले भी 196 से घटकर 90 रह गए। प्रशासन का मानना है कि “दंगाइयों से संपत्ति वसूली” कानून और त्वरित कार्रवाई से उपद्रव पर नियंत्रण हुआ।हत्या 197 से घटकर 171 हुई। हत्या के प्रयास 177 से घटकर 142 और गैर इरादतन हत्या 90 से घटकर 70 रह गई। विशेषज्ञों का कहना है योगी सरकार में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति, फास्ट ट्रैक कोर्ट और बुलडोजर कार्रवाई के कारण अपराधियों में कानून का भय पैदा हुआ है। इसी का परिणाम है कि सभी श्रेणियों के अपराधों में गिरावट आई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कानून व्यवस्था में सुधार को देखते हुए आम जनता का रुझान भी उसी ओर है जहां सुरक्षा बेहतर हो।

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