कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के संगठनात्मक सुधार को लेकर दिए गए बयान के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में आरएसएस और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे का उदाहरण देते हुए कांग्रेस में भी इसी तरह के सुधारों की जरूरत बताई थी। उनके इस बयान को लेकर कांग्रेस के कई नेताओं ने असहमति जताई, वहीं कुछ ने इसे पार्टी की आंतरिक बहस का विषय बताया। बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस के भीतर वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं, जिससे संगठन के अंदरूनी हालात पर सवाल उठने लगे हैं।
इस पूरे विवाद के बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिग्विजय सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व का बचाव करते हुए सोनिया गांधी की भूमिका की खुलकर सराहना की। रेवंत रेड्डी ने कहा कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने देश को दो ऐसे प्रधानमंत्री दिए, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया। उन्होंने पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाए जाने के फैसलों को ऐतिहासिक और दूरदर्शी करार दिया।
रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक परंपराओं के अनुरूप रहा है और पार्टी को बाहरी संगठनों से तुलना करने की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान को दिग्विजय सिंह के विचारों पर अप्रत्यक्ष पलटवार के रूप में देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस के भीतर संगठन और नेतृत्व को लेकर बहस अभी थमी नहीं है और आने वाले समय में यह मुद्दा और गहराने की संभावना है।















