कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दोनों नेता फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी रिहाई के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं।इसी बीच दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर नया फैसला लिया है। इससे दोनों नेताओं की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
दूसरी ओर, उनकी कानूनी टीम ने हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने के आदेश को चुनौती दी है। इस पूरे मामले के बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक वीडियो संदेश भी चर्चा में है। इसमें उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने में दोनों नेताओं की भूमिका को लेकर कई अहम बातें कही हैं।
दो मामलों की जांच करेगी क्राइम ब्रांच
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दर्ज एक और मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। इससे पहले सोमवार को जंतर-मंतर इलाके में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने से जुड़ा मामला भी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया था। अब दोनों मामलों की जांच क्राइम ब्रांच करेगी।पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और सीजेपी के 11 अन्य सदस्य निजी परिसरों से होकर जंतर-मंतर पहुंच गए थे। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गईं।पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर अब आधिकारिक तौर पर विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है। इसी वजह से वहां पहुंचने और प्रवेश करने के तरीके को लेकर कार्रवाई की गई।
दो दिन और बढ़ाई गई न्यायिक हिरासत
सौरव दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दोनों पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तें तोड़ने का आरोप है। पांच दिनों की अवधि पूरी होने के बाद सोमवार, 19 अक्टूबर को उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई। इस फैसले के बाद दोनों नेताओं की रिहाई का इंतजार और लंबा हो गया।
हिरासत के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे नेता
सौरव दास और आशुतोष रांका ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। दोनों की ओर से दाखिल याचिका में तत्काल सुनवाई की मांग की गई है। दशहरे की छुट्टियों के कारण हाईकोर्ट इस सप्ताह बंद है। ऐसे में दोनों नेताओं की कानूनी टीम बुधवार, 21 अक्टूबर को विशेष सुनवाई का अनुरोध करेगी। याचिका पर सुनवाई होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, सुनवाई होगी या नहीं, यह अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।
दीपके बोले- आंदोलन के पीछे दोनों की बड़ी भूमिका
इस बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आशुतोष रांका और सौरव दास को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। दशहरे के मौके पर जारी करीब 16 मिनट के वीडियो संदेश में उन्होंने दोनों नेताओं को अपना परिवार बताया। दीपके ने कहा कि पार्टी के विरोध-प्रदर्शनों को आगे बढ़ाने और महत्वपूर्ण फैसले लेने में आशुतोष और सौरव की सबसे बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने खुद को दोनों के निर्देशों का पालन करने वाला बताया।
‘उन्हें जेल भेजने से हम नहीं टूटेंगे’
अभिजीत दीपके के मुताबिक, आशुतोष रांका और सौरव दास उन्हें अगले दिन के कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी देते थे। इसके बाद वह उनके बताए अनुसार काम करते थे। दीपके ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि सौरव और आशुतोष को जेल में रखने से वे डर जाएंगे या उनका आंदोलन कमजोर पड़ जाएगा, तो ऐसा नहीं होगा। उन्होंने दोनों नेताओं के प्रति अपना समर्थन जताते हुए साफ किया कि उनकी गिरफ्तारी से पार्टी के हौसले नहीं टूटेंगे।
फिलहाल दोनों नेता न्यायिक हिरासत में हैं। एक ओर क्राइम ब्रांच उनके खिलाफ दर्ज दो मामलों की जांच करेगी, वहीं दूसरी ओर उनकी कानूनी टीम हाईकोर्ट से राहत पाने की कोशिश कर रही है।















