बिना दस्तावेज बच्चों को ले जा रहे वाहन पर 40 हजार से ज्यादा का चालान

मुजफ्फरनगर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुशील कुमार मिश्रा एवं उनकी टीम द्वारा चलाए गए विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी कर संचालित एक स्कूली वाहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। चेकिंग अभियान के दौरान टीम ने एक ऐसे वाहन को पकड़ा जो स्कूल के रंग में रंगा हुआ था और उसमें स्कूली बच्चों को लाया-ले जाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि संबंधित वाहन का पंजीकरण पूर्व में एंबुलेंस के रूप में था, लेकिन उसका उपयोग अवैध रूप से स्कूल वाहन के तौर पर किया जा रहा था।

प्रवर्तन टीम ने वाहन के दस्तावेजों की जांच की तो पाया कि वाहन बिना फिटनेस, बिना परमिट और बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के संचालित हो रहा था। इसके अलावा यह वाहन एनसीआर क्षेत्र में लागू एनजीटी के नियमों का भी उल्लंघन कर रहा था। परिवहन विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई की। वाहन को थाना छपार क्षेत्र में उस समय निरुद्ध किया गया जब वह स्कूली बच्चों को स्कूल में उतार रहा था।

कार्रवाई के दौरान वाहन पर कुल 40,250 रुपये का जुर्माना लगाया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वाहन पर देय कर की गणना अलग से परिवहन कार्यालय में की जाएगी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी कठोर अभियान जारी रहेगा।

परिवहन विभाग ने जिले के सभी स्कूल संचालकों और प्रबंधनों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी अनधिकृत या नियमविरुद्ध वाहन का प्रयोग बच्चों के परिवहन के लिए न किया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ऐसे वाहन स्कूलों में संचालित पाए गए तो संबंधित स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही ऐसे मामलों में स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जाएगी। अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल वाहनों की वैधता और सुरक्षा मानकों की जानकारी अवश्य करें।

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