म्यूटेशन से टैक्स भुगतान तक ऑनलाइन व्यवस्था
ई-नगर सेवा पोर्टल को सिर्फ टैक्स जमा करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा. संपत्ति से जुड़े दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), टैक्स निर्धारण और भुगतान जैसी सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है. इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और लोगों की परेशानी कम होने की उम्मीद है.
अलग-अलग पोर्टल की व्यवस्था होगी खत्म
अभी अलग-अलग नगर निकायों में संपत्ति कर से जुड़ी व्यवस्थाएं और प्रक्रियाएं अलग-अलग तरीके से संचालित होती हैं. नई व्यवस्था का मकसद इन सभी को एक प्लेटफार्म पर लाना है. इससे प्रदेश स्तर पर संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और टैक्स व्यवस्था को बेहतर तरीके से मॉनिटर करने में भी मदद मिलेगी.
नगर निकायों की सेवाएं भी होंगी एक प्लेटफॉर्म पर
ई-नगर सेवा को व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित किया जा रहा है. प्रॉपर्टी टैक्स के अलावा जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, ट्रेड लाइसेंस, पानी-सीवर कनेक्शन समेत नगर निकाय से जुड़ी कई सेवाओं को भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है.
क्या होगा फायदा?
- प्रॉपर्टी टैक्स का ऑनलाइन भुगतान.
- संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड.
- म्यूटेशन की ऑनलाइन सुविधा.
- नगर निकाय कार्यालयों के चक्कर कम होंगे.
- टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी.
- प्रदेशभर में एक समान डिजिटल सिस्टम विकसित होगा.
सरकार का फोकस नगर निकायों की सेवाओं को एकीकृत और डिजिटल बनाने पर है. ऐसे में आने वाले समय में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े अधिकांश काम के लिए ई-नगर सेवा प्रमुख प्लेटफॉर्म बन सकता है.























































