मुजफ्फरनगर के थाना रामराज क्षेत्र में शीशम के पेड़ों की चोरी के मामले का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शीशम के पेड़ों के कटे हुए कुल 43 टुकड़े बरामद किए हैं। मामले का खुलासा होने के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम जलालपुर नीला निवासी राजपाल सिंह ने थाना रामराज में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खेत की डोल पर खड़े शीशम के चार पेड़ों को अज्ञात चोरों द्वारा काट लिया गया है। घटना उस समय हुई जब वह अपने घर में आयोजित एक शादी समारोह में व्यस्त थे। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर गंभीरता से जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया।जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से अहम सूचना प्राप्त हुई कि इस घटना में शामिल दो संदिग्ध आरोपी मीरापुर स्थित गोल्डन ट्रेडर्स के पास मौजूद हैं और चोरी की गई लकड़ी को बेचने की फिराक में हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सलमान निवासी मोहल्ला मुस्तर्क, थाना मीरापुर तथा मस्तान उर्फ मस्तू निवासी ग्राम समाना उर्फ रामराज के रूप में हुई है। पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके कब्जे से शीशम की चोरी की गई लकड़ी के 43 टुकड़े बरामद किए गए, जिन्हें वे बेचने के लिए लाए थे।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने खेत मालिक की अनुपस्थिति का फायदा उठाया।
जब राजपाल सिंह के घर में शादी समारोह चल रहा था, तब उन्होंने मौका पाकर खेत में लगे शीशम के पेड़ों को काट लिया और लकड़ी को पास के जंगल में छिपा दिया। बाद में उसे निकालकर बेचने की योजना बनाई जा रही थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते वे पकड़े गए।इस पूरे मामले में थाना रामराज पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह में अन्य कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं है।पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके। इस कार्रवाई से क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।















