मुजफ्फरनगर जनपद में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और प्रशासनिक सुधारों को लेकर जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह की कार्यशैली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। जनपद में अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से आबकारी विभाग लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में संचालित की जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं।आबकारी विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें अवैध शराब के कई अड्डों का खुलासा हुआ। इन अभियानों के दौरान न केवल बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई, बल्कि इसके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और उपकरण भी जब्त किए गए। विभाग ने खुफिया तंत्र को और मजबूत करते हुए सूचना तंत्र को सक्रिय किया, जिससे अवैध कारोबार से जुड़े लोगों तक तेजी से पहुंच बनाना संभव हो सका। इसके परिणामस्वरूप कई गिरोहों की गतिविधियों पर रोक लगाई गई और आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।विभाग ने केवल अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि ओवररेटिंग जैसी समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया। जनपद की लाइसेंसी शराब दुकानों का नियमित निरीक्षण कराया गया, जिससे उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर शराब उपलब्ध हो सके।
इस पहल से आम लोगों को राहत मिली है और दुकानदारों में भी नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ी है।आबकारी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत विभाग ने लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के प्रयास किए हैं। ऑनलाइन प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने, रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए जवाबदेही तय की गई है, जिससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि देखी जा रही है।प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे कार्रवाई में तेजी और प्रभावशीलता आई है। पुलिस और आबकारी विभाग के संयुक्त अभियानों ने अवैध शराब कारोबारियों पर दबाव बनाया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।इन सभी प्रयासों के चलते मुजफ्फरनगर में अवैध शराब के कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगाने में सफलता मिली है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार जनपद को पूरी तरह अवैध शराब मुक्त बनाने के लिए लगातार कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे।















