मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की 59वीं बोर्ड बैठक कार्यालय मंडलायुक्त सभागार, सहारनपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त सहारनपुर ने की। बैठक में मुजफ्फरनगर और शामली के जिलाधिकारी, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व सचिव, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रतिनिधि सहायक वास्तुविद नियोजक, मुख्य कोषाधिकारी सहारनपुर, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, जल निगम के अधिशासी अभियंता सहित प्राधिकरण के बोर्ड सदस्य और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत 58वीं बोर्ड बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि के साथ हुई। इसके बाद 59वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बोर्ड के समक्ष वित्तीय वर्ष से संबंधित बजट प्रस्ताव रखा गया, जिसे विचार-विमर्श के बाद स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर योजना के अंतर्गत निस्तारित संपत्तियों को निष्प्रयोज्य घोषित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई, जिससे भविष्य की योजनाओं के लिए संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके।बैठक में सेवानिवृत्त एवं अंशकालिक कार्मिकों को आवश्यकता के आधार पर रखे जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने अनुमोदन दिया। इस निर्णय से प्राधिकरण के कार्यों में अनुभव का लाभ लेते हुए प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई गई।
शहर के सुनियोजित विकास को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरनगर महायोजना की सीमा के विस्तार का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। इसके तहत जानसठ रोड, दिल्ली रोड, रूड़की रोड, सहारनपुर रोड और शामली रोड की दिशा में महायोजना का विस्तार किए जाने पर सहमति बनी। इसके अलावा ए टू जेड रोड पर उपलब्ध चौड़ाई के अनुसार सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार और भविष्य की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके।बैठक में शामली महायोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। शामली महायोजना में 52 ग्रामों को सम्मिलित करते हुए जीआईएस आधारित महायोजना तैयार किए जाने के प्रस्ताव को बोर्ड द्वारा मंजूरी दी गई। इससे क्षेत्रीय विकास को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा भूमि उपयोग, सड़क, आवास और बुनियादी सुविधाओं की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी।बोर्ड बैठक में लिए गए इन फैसलों को मुजफ्फरनगर और शामली क्षेत्र के समग्र, संतुलित और दीर्घकालिक विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।















