अमेरिका में सरकारी शटडाउन 32वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इसके चलते हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर देश के विमानन क्षेत्र पर पड़ रहा है। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की भारी कमी के कारण रविवार को देशभर के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी देखी गई। न्यू जर्सी के नेवार्क एयरपोर्ट पर उड़ानें दो से तीन घंटे तक लेट रहीं।न्यूयॉर्क शहर के इमरजेंसी मैनेजमेंट ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर यात्रियों को चेतावनी देते हुए कहा कि नेवार्क एयरपोर्ट पर देरी का असर आसपास के अन्य हवाई अड्डों — जैसे जॉन एफ. कैनेडी (JFK) और लागार्डिया — पर भी पड़ रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांच लें और टाइम टेबल बदलाव, गेट होल्ड या मिस्ड कनेक्शन की संभावना के लिए तैयार रहें।
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटअवेयर के मुताबिक, ह्यूस्टन के जॉर्ज बुश इंटरकांटिनेंटल एयरपोर्ट, डलास फोर्ट वर्थ इंटरनेशनल एयरपोर्ट, शिकागो ओ’हारे, सैन फ्रांसिस्को, लॉस एंजिल्स, डेनवर और मियामी जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर भी दर्जनों उड़ानों में देरी हुई है, जबकि कुछ उड़ानें रद्द भी करनी पड़ी हैं।अमेरिकी परिवहन सचिव सीन डफी ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि जैसे-जैसे एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को वेतन नहीं मिलेगा, उड़ानों में और अधिक व्यवधान देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रैफिक को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है ताकि सिस्टम पर अधिक दबाव न पड़े। डफी ने स्पष्ट किया कि उड़ानें रद्द करने का फैसला भी यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।
डफी ने यह भी कहा कि सरकार का एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को नौकरी से निकालने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, “जब कंट्रोलर अपने परिवारों का पेट पालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो उन्हें नौकरी से निकालना अमानवीय होगा। उन्हें सहारे, तनख्वाह और सम्मान की जरूरत है।”हालांकि इससे पहले, अक्टूबर में डफी ने उन कंट्रोलरों को चेतावनी दी थी जिन्होंने शटडाउन के दौरान बिना वेतन के काम करने के बजाय बीमार होने का बहाना बनाया था। उन्होंने कहा था कि इस तरह के रवैये से फ्लाइट संचालन पर बुरा असर पड़ता है।
वर्तमान में करीब 13,000 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर बिना वेतन के काम कर रहे हैं। इससे न केवल एयरपोर्ट संचालन प्रभावित हो रहा है, बल्कि मनोबल पर भी असर पड़ रहा है। कई क्षेत्रीय नियंत्रण केंद्रों और एयरपोर्ट टावरों में कर्मचारियों की भारी कमी दर्ज की जा रही है।विमानन विश्लेषण फर्म सिरियम के अनुसार, अक्टूबर में कर्मचारियों की छिटपुट अनुपस्थिति के बावजूद अधिकांश प्रमुख अमेरिकी एयरपोर्ट्स ने समय पर उड़ानों का बेहतर रिकॉर्ड बनाए रखा था। हालांकि अब स्थिति तेजी से बिगड़ रही है क्योंकि शटडाउन से पहले ही FAA (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) लगभग 3,000 कंट्रोलरों की कमी से जूझ रहा था।यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में अमेरिकी हवाई यात्रा और अधिक अव्यवस्थित हो सकती है, जिससे यात्रियों और एयरलाइनों दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।























































