कारागार में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, बंदियों को कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कैलेंडर के अनुसार जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष राय के निर्देशन में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सीताराम द्वारा जिला कारागार एवं बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कारागार की पाकशाला, अस्पताल, पुरुष बैरक किशोर बैरक का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के पश्चात बंदियों के हित में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में बंदियों को संवैधानिक और विधिक अधिकारों की जानकारी दी गई और उन्हें जागरूक किया गया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहें। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि यदि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी समस्या हो, तो वे अधीक्षक जिला कारागार के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत करा सकते हैं या सीधे आवेदन पत्र दे सकते हैं, जिस पर उचित कार्यवाही की जाएगी।सचिव ने बंदियों से उनकी समस्याएं भी सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। अधीक्षक जिला कारागार को निर्देशित किया गया कि वे उन बंदियों की सूची तैयार कर प्राधिकरण को भेजें जिनके मामले जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किए जा सकते हैं, ताकि शीघ्र न्याय प्रक्रिया पूरी की जा सके। साथ ही ऐसे बंदियों को विधिक सहायता भी प्रदान की गई जिनकी जमानत याचिका अधीनस्थ न्यायालय द्वारा खारिज हो चुकी है।निरीक्षण के दौरान आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन की जानकारी भी दी गई। यह लोक अदालत 13 सितंबर 2025 (द्वितीय शनिवार) को दीवानी न्यायालय परिसर मुजफ्फरनगर, बाह्य न्यायालय बुढाना, ग्राम न्यायालय जानसठ, ग्राम न्यायालय खतौली एवं कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित की जाएगी। इसमें आपराधिक, धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, टेलीफोन, बिजली पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व संबंधी वाद और सिविल वादों का निस्तारण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान की सुविधा प्राप्त होगी।

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