मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिला पंचायत सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में आए फरियादियों की समस्याएं और शिकायतें गंभीरता से सुनीं। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जनसुनवाई को अधिक प्रभावशाली और आम जन के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से डीएम ने निर्देश दिए कि जनसुनवाई में स्थापित हेल्पडेस्क को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि फरियादियों को अनावश्यक रूप से अपने संबंधित विभागों से डीएम कार्यालय तक आने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत का निस्तारण संबंधित विभाग के स्तर से किया जा सकता है तो संबंधित अधिकारी अपने कार्यालय स्तर पर ही समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।डीएम ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों का समाधान सिर्फ औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि प्रत्येक शिकायत का वास्तविक और व्यवहारिक समाधान समयसीमा के भीतर किया जाना चाहिए। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से संवेदनशीलता से व्यवहार करें और उनकी समस्या को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति की समस्या का समाधान बिना देरी और भटकाव के हो, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएं।जनसुनवाई के माध्यम से आम जन को सीधे प्रशासन से जोड़ने और उनकी आवाज़ को सुनने का जो माध्यम बनाया गया है, उसे पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय और जिम्मेदारी से कार्य करना होगा। जनसुनवाई में जिलाधिकारी के इस सक्रिय रवैये की आम जनता ने सराहना की और उम्मीद जताई कि समस्याओं का त्वरित समाधान मिलेगा।















