दिल्ली में हाल ही में हुए कोचिंग हादसे के बाद दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (एलजी) ऑफिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। दिल्ली सरकार शहर की बदहाल व्यवस्था के लिए उपराज्यपाल को जिम्मेदार ठहरा रही है, जबकि उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।
रविवार को उपराज्यपाल ने बारापुला, कुशक और सुनहरी नालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल ने नालों की स्थिति का जायजा लिया और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने बताया कि बारापुला, कुशक और सुनहरी ड्रेन के साथ-साथ निजामुद्दीन में ऐतिहासिक बारापुला पुल का दौरा और निरीक्षण किया। इस दौरान जो जमीनी हकीकत देखने को मिली, वह भयावह और शर्मनाक है। उपराज्यपाल ने कहा कि बारिश के पानी के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सुधारात्मक उपायों की आवश्यकता है।इस घटना से साफ़ है कि दिल्ली में जल निकासी और साफ़-सफाई की स्थिति सुधारने के लिए तात्कालिक कदम उठाने की आवश्यकता है।
These 3 arterial drains are under I&FCD & MCD. They carry storm water into Yamuna and have not been desilted & declogged for years, despite claims to the contrary. pic.twitter.com/QnUrymabH2
— LG Delhi (@LtGovDelhi) August 4, 2024
तीनों नाले आई एंड एफसीडी और एमसीडी के अधीन
उन्होंने कहा कि ये तीन नाले सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग और एमसीडी के अधीन हैं. ये नाले बारिश के पानी को यमुना में ले जाते हैं, लेकिन सालों से इनकी गाद और गंदगी नहीं निकाली गई है. एलजी की ओर से जो तस्वीर शेयर की है कि उसमें भी नाले चोक नजर आ रहे हैं. एलजी की ओर से कई तस्वीरें शेयर की गई हैं
पहली बारिश में तीन छात्रों की मौत
इस बार के मानसून में दिल्ली में अभी तक दो दिन कुछ घंटे के लिए भारी बारिश हुई है. दोनों ही बार जलभराव की वजह से जनहानि हुई है. पहला मामला ओल्ड राजेंद्र नगर का है. जहां 27 जुलाई हुई बारिश के बाद एक कोचिंग के बेसमेंट में पानी भर गया. स्थिति ये गई कि घटना में तीन छात्रों की मौत हो गई.
दूसरी बारिश में मां और बच्चे की मौत
इसके बाद 31 जुलाई को राजधानी में एक बार फिर से भारी बारिश हुई. शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई. मयूर विहार फेज-3 इलाके में जलभराव होने के बाद एक मां और बच्चे की नाले में डूबने से मौत हो गई. इन दोनों घटनाओं ने दिल्ली में व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी.















