सहारनपुर में हुई इस घटना से प्रशासन की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है। एक साल पहले बनाई गई सड़क का अचानक धंसना और 20 फीट गहरा गड्ढा बन जाना बहुत ही गंभीर मामला है। इस हादसे में वर्तमान पार्षद सुधीर पंवार और कुछ मजदूर गड्ढे में गिर गए, जिससे पार्षद पंवार को गंभीर चोटें आईं और उन्हें ICU में भर्ती करना पड़ा।
इस घटना से गुस्साए लोगों ने हंगामा करते हुए सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया। पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों ने लोगों को शांत करने की कोशिश की। हालांकि, इस दौरान पुलिस और लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। फिलहाल, पुलिसकर्मी लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही और भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर किया है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। प्रशासन को इस घटना की पूरी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।जानकारी के मुताबिक, यहां सड़क सीवर लाइन और वाटर लाइन लीकेज से अंदर ही अंदर खोखली हो चुकी थी. शनिवार को अमृत योजना के तहत इसकी मरम्मत शुरू हुई. रविवार सुबह पार्षद सुधीर पंवार अपनी मौजूदगी में काम करवा रहे थे, तभी हादसा हो गया. पार्षद के अलावा 6 मजदूर घायल हुए हैं.
मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि सड़क को ठीक से नहीं बनाया गया. बोले- 1 साल पहले जल निगम की ओर से सीवर बिछाई गई. इसके बाद नगर निगम ने सड़क की मरम्मत कर दी. रोड बनाने में भ्रष्टाचार हुआ है. इसकी जांच होनी चाहिए. जब तक लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई नहीं होगी, वो विरोध जारी रखेंगे. सड़क इतनी धंस गई है कि इसके पास के मकानों को भी खतरा है.
क्या बोले पूर्व पार्षद?
लोगों ने कहा- 5-6 महीने से पानी की समस्या थी. सिटी मजिस्ट्रेट के यहां गए तो नगर निगम भेजा गया. 15-20 दिन पहले नगर निगम भी गया. वहां किसी ने हमारी नहीं सुनी. अंदर जगह-जगह सीवर लाइन टूट गई है. पानी जगह-जगह रुक रहा. सीवर का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था, मोहल्ले में कई जगह लीकेज था. अंदर ही अंदर रोड और घरों की नींव खोखली हो गई. मरम्मत नहीं हुई तो रोड धंस गई. कल को घर गिर गया जाएगा, तो क्या होगा. पूर्व पार्षद दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में यह काम हुआ था. उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही है.















