ओवैसी का मोदी सरकार पर हमला:ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड की शक्तियों पर अंकुश लगाने की योजना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का हमेशा से वक्फ बोर्ड और वक्फ संपत्तियों के खिलाफ एजेंडा रहा है।
ओवैसी का कहना है कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को छीनना और धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा और RSS वक्फ संपत्तियों को खत्म करने के प्रयास में लगातार लगे हुए हैं। केंद्र सरकार वक्फ अधिनियम में संशोधन की योजना बना रही है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड की शक्तियों को कम किया जाएगा।
यह विधेयक जल्द ही संसद में पेश किया जा सकता है। ओवैसी का मानना है कि इस कदम से मुसलमानों की धार्मिक और सांस्कृतिक संपत्तियों पर खतरा मंडरा सकता है।
VIDEO | "BJP has been against the Waqf Board and Waqf properties since the beginning and there is a 'Hindutva agenda' of RSS. They have continued to put efforts to end the Waqf Board and properties from the start," says AIMIM chief and MP Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) on talks… pic.twitter.com/9T3PXymean
— Press Trust of India (@PTI_News) August 4, 2024
ओवैसी ने केंद्र सरकार की ओर से वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन करने की योजना बना रही है. इसके खिलाफ ओवैसी ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस शुरू से ही वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की छीनना चाहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी आरएसएस और बीजेपी की शुरू से ही योजना रही है.
राशिद अल्वी ने केंद्र पर साधा निशाना
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भी वक्फ संपत्ति को लेकर केंद्र सरकार की ओर संशोधन लाये जाने की योजना पर बीजेपी पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के समय में बनाई गई थी और उन्होंने कानून बनाया था. हकीकत ये है कि मुस्लिमों ने जो अपनी संपत्ति दान की है, वोही अब वक्फ की संपत्ति है.
उन्होंने कहा किसरकार ने वक्फ संपत्ति पर पहले ही कब्जा कर रखा है, सेना ने बहुत बड़ी संपत्ति पर कब्जा कर रखा है. सरकार उसे मुक्त कराने के बजाए नया कानून ला रही है.
राशिद अल्वी ने कहा किबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को इस मामले हस्तक्षेप कर, कानून में संशोधन को रोकना चाहिए.















