भारत-रूस रिश्तों के बीच आई विक्टोरिया बसु कौन हैं? जानिए क्या है  विवाद

भारत-रूस रिश्तों के बीच आई विक्टोरिया दशकों पुरानी दोस्ती को एक पारिवारिक विवाद ने अचानक कूटनीतिक मोड़ दे दिया है. इसके पीछे है एक रूसी महिला जिनका नाम विक्टोरिया बसु है. दरअसल विक्टोरिया बसु भारत में रह रही थीं, अपने चार साल के बेटे के साथ देश छोड़कर नेपाल के रास्ते रूस चली गईं.मामला इतना संवेदनशील हो गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर भारत-रूस संबंधों पर असर पड़ने की चिंता जताई.भारत और रूस इस साल अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल मना रहे हैं, और दिसंबर में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा तय है। ऐसे में यह पारिवारिक विवाद अब राजनयिक संवेदनशीलता का विषय बन चुका है. मगर अब रूसी दूतावास ने चुप्पी तोड़ी है और कहा है कि मीडिया में चल रही कई खबरें तथ्यों से परे और अटकलों पर आधारित हैं. दूतावास का कहना है कि वह भारतीय कानूनों के तहत अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा कर रहा है और इस मामले में भारतीय अधिकारियों से करीबी संपर्क में है.

कौन हैं विक्टोरिया बसु, और क्या है पूरा विवाद?

विक्टोरिया बसु रूस की नागरिक हैं, जो 2019 में भारत आई थीं. उनकी शादी भारतीय नागरिक सायकत बसु से हुई थी. दोनों के बीच मतभेद बढ़ने पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. मामला उनके बच्चे की कस्टडी (हिफाज़त) से जुड़ा था. अदालत में सुनवाई चल ही रही थी कि विक्टोरिया अचानक अपने बेटे के साथ भारत से नेपाल होते हुए रूस चली गईं. सेंट्रल एजेंसियों के मुताबिक, विक्टोरिया के वीज़ा की अवधि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही बढ़ा रखी थी ताकि सुनवाई पूरी हो सके, लेकिन उन्होंने अदालत की जानकारी के बिना देश छोड़ दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी

जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शुक्रवार को कहा, हम ऐसा कोई आदेश नहीं देना चाहते जिससे भारत-रूस संबंधों पर असर पड़े, लेकिन यह एक बच्चे का मामला है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि रूसी दूतावास की ओर से कोई ठोस मदद क्यों नहीं मिल रही.

साथ ही अधिकारियों को दो हफ्ते का समय देते हुए कहा कि बच्चे की भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि अगर विक्टोरिया बसु ने अदालत के आदेश की अवहेलना की है, तो कठोर कदम उठाए जाएंगे. अदालत ने दिल्ली पुलिस की लापरवाही पर भी नाराजगी जताई और कहा कि अगर समय पर कार्रवाई की जाती तो विक्टोरिया देश नहीं छोड़ पातीं.

भारत सरकार और दिल्ली पुलिस की कोशिशें

विदेश मंत्रालय (MEA) और दिल्ली पुलिस इस मामले में मिलकर काम कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय दूतावास, मॉस्को, से लगातार संपर्क साधा जा रहा है. नेपाल में उन लोगों से पूछताछ हो रही है जिन्होंने विक्टोरिया की मदद की बताई जा रही है. यहां तक कि रूस के बैंक से भी जानकारी मांगी गई, पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला.

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