राज्यसभा में उस समय हंगामा हो गया जब कांग्रेस सांसद ने महान योद्धा राणा सांगा को देश का हीरो बताते हुए उनकी वीरता पर चर्चा शुरू की। विपक्षी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और सदन में जोरदार बहस छिड़ गई। कांग्रेस सांसद का कहना था कि राणा सांगा ने विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी और उन्हें राष्ट्रीय नायक के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, विरोधी दलों ने इसे ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। सदन में तीखी नोकझोंक के बीच सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ा और कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।
राणा सांगा का मुद्दा जाति-धर्म का विषय नहीं- रिजिजू
राज्यसभा में खरगे के बयान पर किरेन रिजिजू ने कहा कि हम हिंसा का कभी समर्थन नहीं करते. विपक्ष ने राणा सांगा विवाद को जाति से जोड़ा. राणा सांगा का मुद्दा जाति, धर्म का विषय नहीं है. रिजिजू ने कहा कि हिंसा को कोई भी जस्टीफाई नहीं कर सकता. देश नियम-कानून से चलता है. मगर इस मुद्दे को बार बार दलित से जोड़ा जा रहा है. इस पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि सांसद की सुरक्षा का ख्याल भी जरुरी है. इतिहास पर टिप्पणी करना गलत है.
राणा सांगा देश के हीरो हैं- प्रमोद तिवारी
वहीं, इस विवाद को लेकर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि हम राणा सांगा का सम्मान करते हैं. राणा सांगा देश के हीरो हैं. उधर, बीजेपी के राधा मोहन अग्रवाल ने कहा कि अगर वो समझ लेते कि जो उन्होंने कहा है वो गलत है तो बात अलग होती. इन्होंने राणा सांगा को अपमानित किया है. इस विवाद को दलित से जोड़कर देखा जा रहा है. यह कांग्रेस की सोची समझी साजिश है.















