मुजफ्फरनगर। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों की स्मृति में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया और उनके बलिदान को स्मरण किया।कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर पूरी तरह शांत रहा। सभी ने गंभीरता और श्रद्धा के साथ मौन रखकर देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि अमर शहीदों का बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि आज़ादी आसान नहीं थी, इसे प्राप्त करने के लिए असंख्य वीरों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दी। उनका यह त्याग हमें राष्ट्रहित में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। सभी ने यह प्रण लिया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करेंगे तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है कि वह स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जाने, शहीदों के संघर्ष को समझे और उनके बताए मार्ग पर चलकर देश को प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाए। राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकारी सेवकों पर इसकी विशेष जिम्मेदारी है कि वे जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुशील कुमार, चकबंदी अधिकारी सहित कलेक्ट्रेट के समस्त अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में शहीदों के बलिदान को नमन किया और यह संदेश दिया कि देश की आज़ादी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए वे सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की भावना के साथ हुआ। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि अमर शहीदों का त्याग कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
















