मुजफ्फरनगर में व्यापारी सुरक्षा गोष्ठी, पुलिस–व्यापारियों में समन्वय और साइबर अपराध पर विशेष जागरूकता

मुजफ्फरनगर। जनपद में व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में व्यापारी सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, सुझावों का आदान-प्रदान हुआ और साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही व्यापारियों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित एवं विधिक निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

गोष्ठी में नगर क्षेत्र के विभिन्न थानों के निरीक्षक और उपनिरीक्षक, पीडब्लूडी विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारी, यातायात प्रभारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक अपराध द्वारा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से प्रतिपुष्टि ली गई और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना गया। सुरक्षा, यातायात, प्रकाश व्यवस्था, अतिक्रमण, सीसीटीवी और गश्त जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हुए सभी पहलुओं की समीक्षा की गई तथा जिन बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक थी, उन्हें संबंधित विभागों को सौंपते हुए शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक अपराध ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि मुजफ्फरनगर पुलिस व्यापारियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराध व अपराधियों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में नियमित गश्त की जाती है, लेकिन इसके साथ ही व्यापारियों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना आवश्यक है। उन्होंने सभी व्यापारी बंधुओं से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं, कैमरों की दिशा सही रखें और आपसी समन्वय से बाजार व मार्गों पर भी सीसीटीवी की व्यवस्था करें। रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बाजार में सामूहिक सहयोग से सुरक्षा गार्ड या चौकीदार की नियुक्ति और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल सूचना देने पर विशेष जोर दिया गया।

गोष्ठी में यह भी बताया गया कि व्यापारिक कार्यों के दौरान नकदी के परिवहन से पूर्व पुलिस को सूचना देना सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक है। किसी भी व्यापारी को यदि किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति से खतरा महसूस हो, तो बिना देरी के पुलिस को अवगत कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी गई। सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, लिंक और ओटीपी से होने वाली ठगी से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई और सावधानी बरतने की अपील की गई। गोष्ठी के माध्यम से पुलिस और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ, जिससे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई।

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