तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कॉलेज छात्रा के साथ कार में गैंगरेप की वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब पीड़िता अपने एक दोस्त के साथ कार में जा रही थी। इसी दौरान तीन आरोपियों ने कार को जबरन रोक लिया, लड़की को अगवा कर लिया और सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता को सड़क किनारे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान स्थानीय युवकों के रूप में हुई है, जो पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और घटना से जुड़ी तकनीकी साक्ष्य, जैसे कि सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल्स, की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस जघन्य अपराध के बाद विपक्षी दलों ने तमिलनाडु सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। एआईएडीएमके और बीजेपी के नेताओं ने कहा है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से इस्तीफे की मांग की और दोषियों को जल्द फांसी देने की मांग की है।
वहीं, सत्ताधारी डीएमके सरकार ने कहा है कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य के गृह मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, सरकार पीड़िता के साथ खड़ी है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।”
कोयंबटूर के स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई कॉलेजों के छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर पीड़िता के लिए न्याय की मांग की।
यह घटना एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। देशभर में बढ़ते दुष्कर्म के मामलों ने समाज और प्रशासन दोनों को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना यह होगा कि तमिलनाडु पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी न्याय दिला पाती है और क्या सरकार ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाती है।















